वाह रे निज़ामी!! किस्मत हो तो तेरे जैसी।
जीरो से हीरो बन गए!!इलेक्शन के आपा
धापी में भी, सालों बाद भी, देश के शीर्ष
नेताओं को तुम, तुम्हारा नाम, काम याद है...
और आज गुजरात, विकास, जनता, जनेऊ
सब पर तुम अकेले, निहत्ते भारी हो..निज़ामी
जी आपकी प्रभावी शख्सियत को सलाम..
आपने तो जनेऊ और नीच इन शब्दों के नीचे
से जमीन ही खींच ली!! ये तो आते ही कोमा
में चले गए। अंग्रेज़ी में इसे "STOLE THE THUNDER" केहते है..
Saturday, December 9, 2017
वाह रे नी(चता)झामी!!
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
"मित्र": शब्द एक, भ्रांतिया अनेक..
मित्र वो नहीं जो मिलने पर हाल चाल पूछें मित्र वो, जो हाल चाल जानने के लिए मिले! उपरोक्त दो पंक्तियों में "पहली पंक्ति" "औपचा...
-
मित्र वो नहीं जो मिलने पर हाल चाल पूछें मित्र वो, जो हाल चाल जानने के लिए मिले! उपरोक्त दो पंक्तियों में "पहली पंक्ति" "औपचा...
-
इस समय लगभग पूरी दुनिया दहशत में है। वजह: कोरोना, जिसने अकस्मात, बिना किसी चेतावनी के हमारे पृथ्वी पर दस्तक दी। क्योंकि यह आपदा ...
-
I remember growing up with many labels, like 'Weak in Math' 'Slow eater' 'Chatterbox' 'Non-stop nonsense...
No comments:
Post a Comment