Monday, May 30, 2016

ज़िंदगी में रिश्तें होना जरुरी है

ज़िंदगी में रिश्तें होना जरुरी है,
लेकिन मेरे दोस्त इन रिश्तों मे ज़िंदगी होना ज्यादा जरुरी है..

जीन रिश्तों मे नही जान उन रिश्तों का नही कोई मान..
ऐसे रिश्तों पे हम अकसर करते है झुठा अभीमान..

जीन रिश्तों मे नही जान- मान- सन्मान, ऐसे रिश्तों का हम क्यों करते है झूठा गुणगान?

ऐसे भ्रमित दिखावों मे हमारे खो जाने का चान्स "मैक्स" है,
क्योंकि ऐसे रिश्तें तो हमारी भावनावों पे चार्ज किया व्यर्थ का "टैक्स" है...

(This is copyrighted and has been published in various magzines by the name of the blogger)

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