Sunday, May 16, 2021
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Reunion Poem
मुद्दतों बाद फिर हुए रूबरू वही अपने पुराने यार। चेहरों पर खिली रौनक दिल में जागा प्यार। समय के धूल की परत जो जमी थी बीते हुए हसीन लम्हों प...
-
अंगदान - सर्व श्रेष्ठदान! हमारे अपनों का अमूल्य योगदान, दूजो के अपनों को देता, जीवनदान! अंगदान - सर्व श्रेष्ठदान! मरने के बाद भी करता नव जीव...
-
विकास के आड़ नित नए दिन पर्यावरण से होता खिलवाड़। पर्यावरण का नहीं कोई पर्याय पॉलिसी मेकर्स को ये क्यों समझ ना आएं। भारत वर्ष के सर आंखों प...
-
प्रशासनिक लापरवाही, धृत्रुराष्ट्र राजनेता, चापलूस/चाटुकार मीडिया, असंवेदनशील व्यवस्था, ओछी राजनीति, गुंगे - बहरे - अंधे, हम और आप! ...
No comments:
Post a Comment