कैलाश के दोहे
जो खाए पोहे
वो बंग्लादेशी होवे
समझ आए ना मोहे..
क्या आए सखा तोहे
कैलाश के दोहे
और नागरिकता पहचान
अभियान में
कवनो मेल होवे ??
आधार कार्ड - पोहे कार्ड
मुद्दतों बाद फिर हुए रूबरू वही अपने पुराने यार। चेहरों पर खिली रौनक दिल में जागा प्यार। समय के धूल की परत जो जमी थी बीते हुए हसीन लम्हों प...
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